मो.अब्दुल्ला से अब बन गया उमेश, पंचायत के फैसले से था आहत

ताजपुर / समस्तीपुर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| समस्तीपुर में मो.अब्दुल्ला नाम के एक शख्स ने इस्लाम धर्म छोड़कर आज से सनातन धर्म (Abdullah became Umesh by adopting Sanatan in Samastipur Bihar) अपना लिया है. मिली जानकारी जिले के ताजपुर प्रखंड के भैरोखरा गांव में घर वापसी कार्यक्रम के तहत मोहम्मद अब्दुल ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है. अब वह उमेश नाम से जाना जायेगा.

हिंदू धर्म अपनाने के बाद मो.अब्दुल्ला ने कहा, ‘धर्म परिवर्तन (Muslim adopts Hindu religion) की यहां पर कोई बात नहीं है, जब मुझको अपने समाज के लोगों ने संकट में साथ नहीं दिया, तब यह मेरी मर्जी है कि मैं किस धर्म को स्वीकार करूं. सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है और इतनी उसमें अच्छाइयां पाई जाती हैं, इंसानियत पाई जाती है. हम यह समझते हैं किसी और दूसरे धर्म में नहीं है. यह मेरी अपने पुराने घर में वापसी है.

बताया गया है कि मोहम्मद अब्दुल्ला का धर्म परिवर्तन पूरे विधि – विधान के साथ कराया गया. जिसके बाद उन्हें हिन्दू रीति रिवाज से जनेऊ भी धारण कराया गया. धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद अब्दुल्ला को अब उमेश नाम से जाना जाएगा. बताया गया है कि मो.अब्दुल्लाह पंचायत के फैसले से काफी आहत हो गए थे. जिसके बाद उन्होंने सनातन धर्म को अपना लिया है.

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बता दें, करीब दस साल पहले भेरोखरा गांव का उमेश राय सनातन मत को त्याग कर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था. हाल के दिनों में उमेश उर्फ अब्दुल्ला को पड़ोस के एक युवक ने जान से मारने की कोशिश की थी. जिसके बाद अब्दुल्ला ने पंचायत बुलाई. पंचायत में उल्टे अब्दुल्ला को ही गुनहगार मानते हुए उस युवक को बरी कर दिया गया. इससे आहत होकर अब्दुल्ला ने फिर से सनातन मत में वापसी का मन बनाया.

कहा जान पर है खतरा

शनिवार को सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में उसने सनातन मत में वापसी की. अब्दुल्ला उर्फ उमेश को विधि-विधान के साथ भेरोखरा स्थित काली मंदिर में सनातन मत में वापसी कराया गया. गंगा जल से स्नान कराया गया। बाल-दाढ़ी कटवाया गया. इसके बाद उसे जनेऊ धारण कराया गया. उमेश ने कहा कि उसकी जान पर खतरा है.

लगातार हो रही उपेक्षा से था आहत

हिन्दू धर्म अपनाने के बाद मीडियाकर्मियों ने उससे बात की. यह पूछने पर कि क्या वह किसी तरह के दबाव में हिन्दू धर्म में वापस आ रहे हैं, तो इसके जवाब में उमेश ने कहा कि यह कदम वो स्वेच्छा से उठाया है. उमेश ने मीडिया को बताया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद से मुस्लिम समाज के लोगों का उसके प्रति व्यवहार सामान्य नहीं था. हाल में एक पंचायती में सबलोगों ने उसे दरकिनार करते हुए गुनाहगार के हक में ही फैसला कर दिया था. इस घटना ने उसे अंदर से असुरक्षित कर दिया जिसके बाद उसने घर वापसी का मन बना लिया.