हर मुसीबत की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है सरकार – कृषि मंत्री

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह (Amrendra Pratap Singh) ने कहा है कि इस वर्ष 2021 में बाढ़/अतिवृष्टि तथा विभिन्न कारणों से परती रह गई भूमि के कारण फसल क्षति का आकलन करा लिया गया है. संबंधित जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों द्वारा क्षति का आकलन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया है.

शुक्रवार को उन्होंने बताया कि प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार अब तक राज्य के 30 जिलों से फसल क्षति का आकलन कृषि विभाग को प्राप्त हुआ है. इसके अनुसार इन 30 जिलों के कुल 283 प्रखण्डों के 6,45,708.63 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत अथवा उससे अधिक फसल क्षति प्रतिवेदित किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित राशि 875.27 करोड़ रूपये है.

इसी प्रकार विभिन्न कारणों से 17 जिलों में परती रह गई 1,41,227.71 हेक्टेयर क्षति के लिए 96.03 करोड़ अर्थात कुल 7,86,936.34 हेक्टेयर क्षति के लिए 971.30 करोड़ क्षति का आकलन किया गया है.

इसी प्रकार सितम्बर माह के अंतिम में अर्थात 30 सितम्बर 2021 से 04 अक्टूबर 2021 के दौरान राज्य में हुई वर्षापात से फसलों को हुये नुकसान का भी आकलन कराया गया है, जिसमें 6 जिला यथा पटना, नालन्दा, बेगूसराय, लखीसराय, प॰ चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण में क्षति प्रतिवेदित हुई है. इन 6 जिलों में 18,067.65 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति के लिए 26.81 करोड़ रूपये की आवश्यकता का आकलन किया गया है. मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं भी अतिवृष्टि वाले इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया गया है तथा इसकी समीक्षा भी की गई है.

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मंत्री ने जानकारी दी कि जिला पदाधिकारियों से प्राप्त क्षति प्रतिवेदन के आलोक में बाढ़/अतिवृष्टि, परती भूमि एवं लगातार बारिश के कारण हुई फसल क्षति के लिए इनपुट अनुदान मद में 971.30 करोड़ एवं 26.81 करोड़ कुल 998.11 करोड़ रूपये का प्रतिवेदन कृषि विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दिया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग से राशि प्राप्त होने पर बाढ़ से प्रभावित किसानों को नियमानुसार समुचित फसल क्षतिपूर्ति हेतु सहाय्य राशि उपलब्ध कराया जायेगा.

मंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक मुसीबत की घड़ी में बिहार के किसानों के साथ खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी किसानों को सरकार द्वारा हरसम्भव सहायता उपलब्ध कराया जायेगा. फसल क्षतिपूर्त्ति में धन की कमी आड़े नहीं आयेगी, क्योंकि सरकार का मानना है कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीडितों का है.