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नीतीश के पूर्ण शराबबंदी मॉडल का अध्ययन करने राजस्थान की पांच सदस्यीय टीम बिहार में

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| क्या बिहार में पूर्ण शराबबंदी का मॉडल लागू करेगा राजस्थान? वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान से बिहार की पांच सदस्यीय टीम (Five-member team from Rajasthan in Bihar to study Nitish’s prohibition model) के दौरे के मद्देनजर यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया.

राज्य के मद्य निषेध एवं आबकारी विभाग (Prohibition and Excise Department, Bihar) के सूत्रों के अनुसार, पूजा भारती छाबड़ा (Pooja Bharti Chhabra) के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम नीतीश कुमार सरकार द्वारा लागू की जा रही शराबबंदी का अध्ययन करने के लिए सोमवार देर रात यहां पहुंची. छाबड़ा राजस्थान में शराब विरोधी अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.

दौरा के पहले दिन सोमवार को राजस्थान टीम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की. एक घंटे की इस मुलाकात से निकलने के बाद टीम की महिला सदस्या ने इस मुलाकात को राजस्थान में शराबबंदी को लागु कराने में मददगार बताया.

मंगलवार से जिलों का दौरा

कल से तीन-चार दिनों तक यह टीम विभिन्न जिलों में जाकर युवा और खासकर के महिलाओं से शराबबंदी की जमीनी हकीकत के बारे में जानने का प्रयास करेगी. इस अध्ययन की समीक्षा करने के बाद रिपोर्ट तैयार करके राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को सौपेगी.

दौरे पर आए दल के सदस्य राज्य के मद्य निषेध एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे और कुछ जिलों का दौरा कर यह भी देखेंगे कि बिहार में शराबबंदी कानून कैसे लागू किया जा रहा है. हालांकि राजस्थान की टीम ने किन जगहों का दौरा किया है, इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है.

विभिन्न विभागों के अधिकारियों से होगी बैठक

टीम गृह, सड़क सुरक्षा, वित्त एवं कराधान विभाग, सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगी.

राज्य के मद्य निषेध और आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राजस्थान सरकार भरतपुर और भीलवाड़ा में हाल ही में जहरीली शराब की घटनाओं में 13 लोगों की मौत के बाद चिंतित है. अधिकारी ने कहा, “इससे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बिहार भेजने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.”

विजिटिंग बिहार में शराबबंदी के कारण राजस्व के नुकसान और वित्तीय नुकसान से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का पता लगाएगी. मद्य निषेध विभाग के संयुक्त सचिव कृष्ण कुमार सिंह (Krishna Kumar Singh, Joint Secretary, Prohibition Department) ने कहा, “हम मेहमान टीम के साथ सहयोग करेंगे.”

बताते चलें, बिहार में नीतीश सरकार ने 2016 से ही शराबबंदी कानून लागू किया है. इस कारण राज्य में शराब के सेवन व खरीद-बिक्री पर पूर्णतः रोक लग गई है. शराबबंदी से राज्य को सामाजिक रूप से कई फायदे हुए हैं. इसको देख अन्य राज्य भी शराबबंदी लागू करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में राजस्थान सरकार की तरफ से यह शिष्टमंडल पटना आई है.