वहशी दरिंदे को अंतिम सांस तक के लिए उम्र कैद की सजा

हाजीपुर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| नाबालिग बच्चियों के साथ हैवानियत दिखाने वाले को अदालत में अंतिम सांस तक के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई है. साथ ही पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की कई धाराओं सहित अन्य धाराओं में भी उसे उम्र कैद की सजा दी गई है.

आरोपी ने 2014 में नाबालिग का रेप करने के बाद प्राइवेट पार्ट को खूंटी से लहूलुहान कर दिया था. 2017 में उसे बेल मिली तो फिर उसने एक 11 वर्ष की नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया था.

हाजीपुर व्यवहार न्यायालय (Hajipur Civil Court) ने मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत दिखाने वाले एक शख्स को अदालत में अंतिम सांस तक के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई है. अदालत ने पोक्सो एक्ट के कई धाराओं के अलावा अन्य आधारों के तहत भी मुजरिम को सजा सुनाई है. वही पीड़ित को सरकारी फंड से 10 लाख रुपए के राहत का भी आदेश दिया गया है.

जंदाहा थाना क्षेत्र खड़गपुर के रहने वाले करीब 32 वर्षीय शोभाकांत राय को सजा सुनाई गई है. एडीजे-6 आशुतोष कुमार झा (ADJ-6 Ashutosh Kumar Jha) की अदालत ने सजा सुनाई है. इससे पहले 25 मार्च को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था.

मुजरिम शोभाकांत राय ने 2014 में एक नाबालिग बच्ची का रेप करने के बाद 2021 में भी एक 11 वर्षीय बच्ची का रेप किया. सरकारी पक्ष से मामले की पैरवी कर रहे स्पेशल पब्लिक प्रासिक्यूटर मनोज कुमार शर्मा बताया कि 20 अगस्त 2014 को जन्माष्टमी का पर्व था. उसमें यह नाबालिक बच्ची, जिसकी उम्र 15 वर्ष थी, गांव के ही एक देवी स्थान में हो रहे जागरण में गई थी.

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लगभग 1:00 बजे रात को जब वह शौच के लिए जनेरा के खेत में गई थी तभी शोभाकांत राय ने जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया और हैवानियत दिखाते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में खूंटी डालकर लहूलुहान कर दिया था. उसके बाद बच्ची बेहोश होकर पड़ी रही.

ग्रामीण महिलाओं ने बाद में बुरी तरह घायल उस बच्ची को देखा. बच्ची को घर लाया गया जहां से उसे जंदाहा अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसके बाद उसे हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा गया और फिर सदर अस्पताल हाजीपुर से पटना पीएमसीएच रेफर किया गया. काफी दिनों तक बच्ची का इलाज होता रहा. इस दौरान उसके तीन से ज्यादा बार ऑपरेशन किए गए.

स्पेशल पीपी मनोज कुमार शर्मा ने आगे बताया कि इस मामले में कुल 12 गवाहों को पेश किया गया था. साथ ही 6 प्रदर्शन भी किया गया. उसके बाद 25 मार्च को अदालत ने शोभाकांत राय को दोषी पाया था. फिर सजा की बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने पोक्सो की दफा 6 के तहत उसके बचे हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 25 हजार रुपए का आर्थिक अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है. रुपये नहीं देने पर दोषी के लिए 1 वर्ष की साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया है.

वही पोस्को एक्ट की दफा 4 के तहत भी आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए का अर्थदंड के साथ एससी एसटी एक्ट के तहत भी उम्र कैद की सजा और ₹25000 का अर्थदंड के सजा के साथ साथ भी अन्य धाराओं में सजा और अर्थदंड सुनाया गया है.

मनोज कुमार शर्मा ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि 2014 में घटना को अंजाम देने के बाद 2017 में शोभा कांत राय बेल पर बाहर आया था. इसके बाद उसने फिर समस्तीपुर के पटोरी में एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार का आरोप है. आगे बताया कि आरोपी काफी दिनों तक फरार रहा था इसके बाद किसी तरह इसकी गिरफ्तारी हो पाई. मनोज कुमार शर्मा ने आगे बताया कि पीड़िता को 10 लाख रुपए की राशि बिहार सरकार की ओर बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत दिया जाएगा.

देश में नाबालिगों के साथ यौन शोषण रोकने के लिए कई करे कानून बनाए गए. निर्भया कांड के बाद अलग से निर्भया फंड दिया गया साथी कानून को भी और सख्त कर दिया गया स्पीडी ट्रायल और त्वरित सजा की बात हुई थी. बावजूद इस तरह घटनाओं में कोई बहुत बड़ी कमी नहीं आई है. कहीं जो चिंता का विषय है. जिसे अवेयरनेस के जरिए की कम किया जा सकता है.