एडीजे पर हमला: पटना हाईकोर्ट सख्त, पुलिस मुख्यालय ने कहा नहीं हुई थी कोई फायरिंग

पटना / बिहारशरीफ (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पटना उच्च न्यायालय ने हिलसा अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ-1) जयकिशोर दुबे पर कल हुए हमले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है. शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने बिहार सरकार से जवाब मांगा है.

उच्च न्यायालय ने एडीजे दुबे पर इस हमले पर सरकार से पूछा है कि इस तरह की घटना कैसे हो रही है और इस मामले में सरकार की ओर से अब तक क्या पहल की गई है. अब इस मामले पर अगली सुनवाई बुधवार 23 दिसंबर को की जाएगी.

क्या है यह मामला

बता दें कि नालंदा में एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उस समय बच गए जब उनकी कार गुरुवार शाम को मोटरसाइकिल से टकरा जाने के बाद पथराव कर दी गई थी. हिलसा अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ-1) जयकिशोर दुबे शाम करीब 4.30 बजे काम के बाद घर लौट रहे थे, जब हिलसा सूर्य मंदिर के पास मोटरसाइकिल उनके वाहन से टकरा गई.

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पुलिस के अनुसार, बाइक सवार ने जज के वाहन के चालक के साथ हाथापाई की, जिसके बाद उसने एक पत्थर फेंका जिससे कार का पिछला विंडशील्ड क्षतिग्रस्त हो गया. जल्द ही, बाइकर के पांच साथी इसमें शामिल हो गए और चालक पर हमला कर दिया. उन्होंने कथित तौर पर कार पर गोलीबारी भी की.

घटना की पुष्टि करते हुए, हिलसा एसडीपीओ कृष्ण मुरारी ने कहा कि बाइकर ने जज के वाहन पर पत्थर फेंका और कहा कि बाइकर के कुछ साथियों ने चालक के साथ दुर्व्यवहार किया. जज पहले ही मौके से चले जाने के बाद बदमाशों में से एक ने हवा में गोली चलाई. उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने और बदमाशों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है.

कोई फायरिंग नहीं हुई थी – पुलिस मुख्यालय

इधर शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter, Patna) ने यह सफाई दी है जज की गाड़ी पर हमला तो हुआ लेकिन फायरिंग नहीं हुई है. मुख्यालय के अनुसार, इस हमले की जांच एसडीओ और एसडीपीओ से कराई गई. इस संयुक्त रिपोर्ट में लिखा गया है कि जज के न्यायालय से आवास जाने के क्रम में लगभग 4.30 बजे जोगीपुर मोड़ से पहले सूर्य मंदिर तालाब के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने जज की गाड़ी में धक्का मार दिया. जब गाड़ी के ड्राइवर ने बाइक सवार को समझाने का प्रयास किया तो दोनों व्यक्ति ड्राइवर से उलझ गए और ईंट से जज की गाड़ी पर हमला कर दिया.

दोनों के संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि जज की गाड़ी पर हमला के तुरंत बाद उसी जगह पर एक गैस गाड़ी के चालक, जिसका नाम पंकज कुमार है, के साथ मारपीट और लूटपाट की गई. इस दूसरे कांड में अपराधियों द्वारा दो राउन्ड फायरिंग की गई. अर्थात दोनों दो घटनाएं थी जिसका आपस में कोई संबंध नहीं है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जज की गाड़ी पर कोई फायरिंग नहीं हुई थी.

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