पति से बढ़ती नजदीकियां के कारण बिल्डर की पत्नी ने सुपारी देकर करवाई थी मॉडल मोना रॉय की हत्या

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राजधानी के राजीव नगर की वसंत विहार कालोनी निवासी माडल अनीता देवी उर्फ मोना राय (Model Mona Roy) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. बिल्‍डर राजू कुमार से नजदीकी संबंध बनाकर रुपए और संपत्ति ऐंठना ही मोना की जान पर भारी पड़ा. उसकी इस हरकत से खफा फुलवारीशरीफ निवासी बिल्डर राजू कुमार की पत्नी शारदा देवी ने माडल की हत्या की साजिश रची थी. राजू कुमार के मोना राय से नौ वर्ष पुराने संबंध थे. हाल के दिनों ने बिल्डर ने माडल के नाम से फुलवारीशरीफ में एक प्लाट भी खरीदा था. शारदा देवी ने हत्या के लिए दो रिश्तेदार के माध्यम से आरा के तीन शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी. शूटरों ने पटना में रहकर एक माह रेकी की थी.

बिल्‍डर के नाबालिग बेटे ने शूटरों को कराई पहचान

बिल्डर के नाबालिग बेटे ने शूटरों को माडल की पहचान कराई थी और उसका घर दिखाया था. इस मामले में पुलिस ने घटना में शामिल आरा के उदवंतनगर थाना निवासी भीम कुमार को गिरफ्तार किया है. जबकि बिल्डर की पत्नी, उसके बेटे, दो रिश्तेदार सहित अन्य दो शूटरों की तलाश की जा रही है. भीम डकैती के मामले में भी शामिल रहा है.

रामनगरी में रहती थी रोहतास की रहने वाली मोना

सिटी एसपी अंबरीष राहुल ने बताया कि मोना राय परिवार के साथ राजीव नगर थाना क्षेत्र के रानमगरी इलाके में रहती थीं. उनका परिवार मूल रूप से रोहतास के बिक्रमगंज का रहने वाला है. बाइक सवार दो अपराधियों ने 12 अक्टूबर की रात घर के सामने माडल मोना राय को गोली मार दी थी. उन्हें एक गोली लगी थी. इलाज के दौरान आइजीआइएमएस में 17 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई थी. छानबीन में पुलिस को जानकारी मिली थी कि माडल मोना राय की फुलवारीशरीफ निवासी राजू कुमार नाम के एक बिल्डर से करीबी रिश्ते हैं.

पहले फुलवारीशरीफ में रहती थी मोना

पहले मोना राय भी फुलवारीशरीफ में रहती थीं. करीब चार वर्ष पहले वह राजीव नगर रहने आ गई थीं. इसके बाद राजू ने राजीव नगर में ही किराए का एक फ्लैट ले लिया था. वहां बिल्डर व मोना का अक्सर मिलना-जुलना होता रहता था. दोनों के बीच रिश्ते की जानकारी बिल्डर और माडल के परिवार को थी. घटना के बाद पुलिस ने पुलिस ने बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया था.

मोना के नाम 26 लाख का प्लाट खरीदने पर बिगड़ा मामला

कुछ महीने पहले ही बिल्डर ने फुलवारीशरीफ में 26 लाख रुपये का एक प्लाट मोना के नाम से खरीदा था. जब इस बात की जानकारी बिल्डर राजू कुमार की पत्नी शारदा देवी को मिली तो वह परेशान हो गई थी. उसने करीब तीन महीने पहले माडल की हत्या की साजिश रची थी. इसके लिए उसने पहले अपने भाई के बेटे राहुल से संपर्क किया था. लेकिन वह शूटर की व्यवस्था नहीं कर सका. बाद में महिला ने रिश्तेदार सुदेश से बात की. उसने अपने जानकार आरा निवासी भीम यादव, शंकर और विश्वकर्मा कुमार से संपर्क किया. सुदेश और शूटरों के बीच पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. 1.97 लाख अग्रिम राशि भी दी गई थी.

एक महीने तक रेकी

आरा निवासी भीम यादव, शंकर और विश्वकर्मा कुमार आपस में रिश्तेदार हैं. वे वारदात के लिए एक महीने पहले पटना पहुंच गए थे. किराए के मकान में रहकर उन्होंने माडल, स्कूटी और उसके घर की पहचान की थी. रेकी में बिल्डर का नाबालिग बेटा अपराधियों के साथ था. इसी बीच 12 अक्टूबर की रात भीम यादव और विश्वकर्मा कुमार अपाची बाइक से राजीव नगर पहुंचे थे और मौका देखते ही माडल को गोली मार दी थी. भीम मोटरसाइकिल चला रहा था. जबकि विश्वकर्मा कुमार ने गोली चलाई थी. पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है.

माडल के घर का खर्च चलाता था बिल्डर

माडल के घर का पूरा खर्च बिल्डर चलाता था. वह मोना के घर के किराए के अलावा उनके दोनों बच्चों के स्कूल की फीस का खर्च भी उठा रहा था. दरअसल बिल्डर के पति सुमन पटना में मात्र 12 हजार रुपये की नौकरी करते हैं. बिल्डर से मोना की दोस्ती की बात उनके पति और बच्चों को भी पता थी.

(इनपुट-डीबी)