कोरोना इलाज के नाम पर मरीजों को लूटने का धंधा, इस अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | एक तरफ जहां कोरोना के इलाज में प्राइवेट अस्पताल कितनी फीस ले – इसको लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट हॉस्पिटल इसके इलाज के नाम पर मरीज़ों को खूब लूट रहे है.

ऐसा ही एक मामला राजधानी पटना के कंकड़बाग का जेडीएम हॉस्पिटल से आया है. यहां एक कोविड मरीज से मनमानी फीस रखने एवं मरीजों से जबरन फीस की वसूली करने तथा मरीजों और परिजनों को प्रताड़ित करने का मामला दर्ज हुआ है.

सूत्रों के मुताबिक, कोरोना मरीज के इलाज के नाम पर इस अस्पताल ने 6.34 लाख का कच्चा बिल परिजनों को थमा दिया है. परिजनों के मुताबिक कंकड़बाग के पूर्वी इंद्रानगर के जेडीएम हॉस्पिटल में कुछ दिनों पहले कोरोना का मरीज भर्ती हुआ था. उसे और भी कुछ अन्य बीमारियां थी. इसके बाद इस हॉस्पिटल ने कोविद-29 के इलाज के नाम पर 6.34 रुपये का बिल परिजनों को थमा दिया. परिजनों ने काफी गुजारिश की, लेकिन हॉस्पिटल बिल लेने पर अड़ा रहा. यही नहीं अस्पताल प्रशासन ने मरीज को रुम तक में बंद कर दिया.

कोरोना मरीज के परिजनों ने पटना डीएम के पास अस्पताल के खिलाफ जबरन फीस वसूली की लिखित शिकायत दर्ज कराई. डीएम के आदेश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने तीन अधिकारियों – सहायक अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला कार्यक्रम समन्वयक पटना एवं थानाध्यक्ष कंकड़बाग की टीम गठित कर त्वरित जांच करने का निर्देश दिया.

जांच के क्रम में पाया गया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा कच्चा बिल देकर मरीज एवं उसके परिजन को 634200 रुपये का भुगतान करने को कहा था. वहीं मरीज के परिजन द्वारा पक्का बिल एवं खर्च का आइटमवार डिटेल्स की मांग करने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज को जोर जबरदस्ती कर हॉस्पिटल में बंद कर दिया गया तथा मरीज एवं उनके परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. इस सच्चाई के सामने आने के बाद पटना पुलिस ने हॉस्पिटल के एमडी, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन साथ पांच आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है.

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