बाढ़: पिता-पुत्र को दिन-दहाड़े मारी गोली, पिता की हुई मौत

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| बाढ़ अनुमंडल (Barh Sub Division) में सोमवार दिनदहाड़े अपराधियों ने बाप-बेटे को गोली (Criminals shot father and son in broad daylight in Barh Sub-Division) मार दी. इस घटना में जहां पिता की मौत हो गई, वहीं पुत्र घायल हो गया जिसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है. वैसे उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

खबरों के अनुसार, बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में सिरसी गांव निवासी लक्ष्मी नारायण सिंह (65) और उनके पुत्र धर्मेंद्र कुमार (30) पर सोमवार को जानलेवा हमला कर दिया गया. पिता-पुत्र को गोली मार दी. इसमें पिता की मौत हो गई. पुत्र को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है.

मृतक लक्ष्मी नारायण सिंह सोमवार को अपने पुत्र धर्मेंद्र कुमार (30) के साथ बाढ़ न्यायालय गए थे. वे 2 वर्ष पूर्व अपने एक अन्य पुत्र की हत्या मामले में गवाही देने बाढ़ न्यायालय गए थे. न्यायालय से गवाही देकर लौटने के दौरान बाइक सवार दो अपराधियों ने पीछे से गोली मार दी.

घायल पुत्र ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उसके भाई की निर्मम हत्‍या कर दी गई थी. उसी मामले में वह अपने पिता के साथ बाढ़ सिविल कोर्ट गवाही देने आया था. गवाही देकर लौटने के दौरान टाल क्षेत्र के सुनसान इलाके में बाइक से पीछा करते आए हमलावारों ने दोनों पर फायरिंग कर दी.

घायल पुत्र ने बताया कि दो साल पहले उसके भाई व लक्ष्मी नारायण के पुत्र धर्मवीर कुमार की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी. इसका मामला बाढ़ कोर्ट में चल रहा है. इसी मामले में सोमवार को वह अपने पिता के साथ कोर्ट गया था.

गवाही देने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे. इसी क्रम में अथमलगोला थाना क्षेत्र के करजान बड़हिया के पास अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी और फरार हो गए. उसके पिता लक्ष्‍मी नारायण सिंह की वहीं मौत हो गई जबकि उसके गर्दन को गोली छूती हुई निकल गई. दोनों को स्‍थानीय लोगों की सहायता से अस्‍पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने पिता को मृत घोषित कर दिया.

हत्या की घटना की सूचना पर बाढ़ अनुमंडल के एएसपी अरविंद प्रताप सिंह अस्पताल पहुंचे. उनके अनुसार, घटना के बाद कई थानों की पुलिस इस घटना की जांच-पड़ताल में लग गई है. वहीं, डॉक्टर के अनुसार घीयल धर्मेंद्र कुमार की गर्दन को गोली छूती निकल गई जिस कारण उसकी हालत खतरे से बाहर है.

गोलीबारी की घटना में मौत की खबर मिलते ही लक्ष्मी नारायण सिंह के परिवार में चीख-पुकार मच गई.