पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ईओयू ने वकील को किया गिरफ्तार

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारियों ने गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद एक वकील को गिरफ्तार (a lawyer arrested by EOU following an order passed by the Patna high court) किया. वकील पर सोशल मीडिया में न्यायालय व न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक और निराधार टिप्पणी प्रचारित करने का आरोप है.

पटना उच्च न्यायालय ( Patna high court ) ने बुधवार को ईओयू (Economic offence Unit) को एक प्राथमिकी दर्ज करने, एक विशेषज्ञ टीम का गठन करने और अधिवक्ता दिनेश (एक नाम से जाने वाले) द्वारा सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट, पटना हाईकोर्ट तथा केंद्रीय कानून मंत्री पर पोस्ट किए गए विभिन्न आपत्तिजनक सामग्रियों और अपराधों की जांच करने और उपरोक्त अधिवक्ता व उनके साथ शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत उपयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.

आदेश में कहा गया है कि कार्यालय को ईओयू, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, व्हाट्सएप, मैसेंजर, मेटा को इस आवेदन में विपरीत पक्ष के रूप में जोड़ने का निर्देश दिया गया है. 

न्यायमूर्ति संदीप कुमार (Justice Sandeep Kumar) की पीठ ने कहा, “एक वकील दिनेश भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ-साथ केंद्रीय कानून मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के बारे में अनाप-शनाप (abusing the Judges) बोल रहा है. इस दुर्व्यवहार को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया गया है. हालांकि कानून के तहत, दुर्व्यवहार की सूचना पुलिस को देना आवश्यक है; लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं, इसलिए यह न्यायालय इस मामले को उठा रहा है.”   

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ईओयू के अतिरिक्त महानिदेशक एनएच खान (Additional Director General of EOU, N H Khan) ने कहा कि वकील को उसके परसा बाजार थानांतर्गत कुरथौल स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया है. वकील के घर से उसका मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए हैं. 

खान ने बताया, “हालांकि वकील द्वारा अपने सभी मानहानिकारक पोस्ट हटा दिए थे, लेकिन हमने फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उनके पोस्ट के बारे में विवरण उपलब्ध कराने के लिए लिखा है. हमने मामले की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच दल का गठन कर लिया है.”       

खान ने कहा कि न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक और निराधार टिप्पणी करने वालों का पता लगाया जाएगा और उपलब्ध सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की जाएगी. 

इससे पहले न्यायमूर्ति संदीप कुमार की पीठ ने अपने आदेश में कहा था, “ईओयू को याद दिलाया जाना चाहिए कि वे उन व्यक्तियों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य हैं जो भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों सहित पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री के बारे में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार अपमानजनक बातें पोस्ट करते हैं. साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इस तरह की रिपोर्ट करने के अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं”.