बिहार पुलिस अहम सबूत लेकर पटना लौटी, CBI को कर सकती है मदद

Patna : सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच करने मुंबई गई बिहार पुलिस की टीम पटना वापस लौट गई है. गुरुवार को टीम के चार सदस्य फ्लाइट से पटना लौटे जबकि आईपीएस विनय तिवारी अभी मुंबई में ही क्ववारंटीन हैं. सीबीआई जांच के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के बाद पटना पुलिस बुधवार को मुंबई में किसी से पूछताछ करने नहीं निकली. पटना पुलिस अब तक जुटाए गए सबूतों की फाइल तैयार कर रही है. अब तक जांच से जुड़े सभी कागजात इकट्ठा किये जा रहे हैं, ताकि मामले में जांच एजेंसी को जरूरत पड़ने पर सौंपा जा सके.

सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह ने बताया था कि मुंबई गई पटना पुलिस की टीम जल्द ही वापस लौट सकती है और इस मामले में कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अब तक 12 लोगों से पूछताछ की गई है, जिसमें कई अहम सबूत मिले हैं. 27 जुलाई को मुंबई पहुंची पटना पुलिस अब तक सुशांत की बहन, अंकिता लोखंडे, फ़िल्म डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और रूमी जाफरी, नौकर नीरज, गार्ड, कुक, दीपेश सावंत, सिद्धार्थ पिठनी सहित करीब 12 लोगों का बयान ले चुकी है. पुलिस ने सुशांत के मोबाइल की सीडीआर रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य सबूत भी जुटाए हैं.

मुंबई पुलिस ने कहा- दिशा की फाइल हो गई डिलीट

पटना पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब पटना पुलिस मलाड में सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा की मौत मामले में संबंधित थाने से जांच से जुड़ी फाइल मांगी तो बताया गया सब कम्प्यूटर से डिलीट हो गया है. पुलिस सूत्रों की मानें तो जब तक पटना पुलिस सुशांत मामले की जांच कर रही थी, तब तक मुंबई पुलिस उतनी बेचैन नहीं दिखी जितनी दिशा मामले में दिखी. दिशा मामले की जांच शुरू करते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई. बुधवार को मुंबई पुलिस ने दिशा मामले में आम लोगों से सबूत देने की अपील जारी की है. पुलिस की मानें तो दिशा मामले के सबूत गायब होने या सबूत नष्ट करने के बाद अब मुंबई पुलिस अपने ही बुने जाल में फंसती जा रही है.

आपको बता दें की सुशांत केस की जांच करने गए पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को बीएमसी ने नहीं छोड़ा है. फिलहाल वो मुंबई में होम क्वॉरेंटाइन हैं. कहा जा रहा है कि वो क्वॉरेंटाइन की अवधि को पूरा करने के बाद ही वापस पटना आ सकते हैं.

सुशांत केस की जांच करने गए पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को बीएमसी ने नहीं छोड़ा है. फिलहाल वो मुंबई में होम क्वॉरेंटाइन हैं. कहा जा रहा है कि वो क्वॉरेंटाइन की अवधि को पूरा करने के बाद ही वापस पटना आ सकते हैं.