मुंगेर में अ’वैध लॉटरी संचालन के खि’लाफ बड़ा अभियान

18 लाख रुपए बाजार मूल्य की लॉटरी जब्त
10 लिए गए हिरासत में
4 लाख से अधिक नगद बरामद
कई पासबुक और चेक बुक भी बरामद
कोतवाली इलाके में छापामारी के दौरान 10 गोलियां भी बरामद

मुंगेर (अभिषेक कुमार सिन्हा – the bihar now रिपोर्ट) | मुंगेर में शनिवार को अवैध लॉटरी संचालन के खिलाफ पुलिस द्वारा बड़ा अभियान चलाया गया. मुंगेर एसपी लिपि सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान 18 लाख रुपए मूल्य की अवैध लॉटरी बरामद की गई है. इसके अलावा चार लाख रुपए नगद भी बरामद किए गए हैं. अवैध लॉटरी संचालन में शामिल 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. हिरासत में लिए गए लोगों में अवैध लॉटरी संचालन के बड़े चेहरे भी शामिल हैं. इसके अलावा कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई छापामारी के दौरान 10 गोलियां भी बरामद की गई हैं.

एसपी लिपि सिंह को कुछ जगहों पर अवैध लॉटरी संचालन की शिकायतें मिली थी, जिसके बाद विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. एसपी द्वारा गठित स्पेशल टीम ने कासिम बाजार, कोतवाली, बासुदेवपुर ओपी क्षेत्रों में सघन छापामारी की. कासिम बाजार थाना क्षेत्र के गोला रोड इलाके में दीपक कुमार के घर छापामारी की गई. दीपक कुमार के घर बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से लॉटरी का संचालन किया जा रहा था. दीपक कुमार उर्फ मुन्ना के घर की गई छापामारी के दौरान उपेंद्र साहनी, ज्वाला रावत, किशन दास और दीपक रावत को भी गिरफ्तार किया गया है.

दीपक उर्फ मुन्ना के घर की गई छापामारी के दौरान पुलिस ने बाजार मूल्य के ग्यारह लाख रुपए से अधिक के लॉटरी के टिकट बरामद किए हैं. दो, पांच और दस रुपए मूल्य के लॉटरी टिकटों को ब्लैक में काफी ऊंचे दामों पर बेचा जाता था तथा एक संगठित नेटवर्क के जरिए अवैध लॉटरी का संचालन किया जा रहा था. पुलिस ने दीपक उर्फ मुन्ना के घर से 56,000 रुपए नगद भी बरामद किए हैं. दीपक उर्फ मुन्ना के पास से कई बैंकों के पासबुक और चेक बुक भी बरामद किया गया है. दीपक उर्फ मुन्ना मुंगेर में अवैध लॉटरी का बड़ा रैकेट संचालित करता था. इसके अलावा बासुदेवपुर ओपी क्षेत्र में भी छापामारी की गई.

बासुदेवपुर ओपी क्षेत्र अंतर्गत विपिन यादव के घर छापामारी की गई तथा वहां से भी अवैध लॉटरी बरामद किया गया. विपिन यादव के यहां की गई छापामारी के दौरान विपिन यादव के अलावा मोहम्मद जहांगीर, मोहम्मद शहजाद और किशन शाह को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से पांच लाख रुपए से अधिक मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए गए तथा एक लाख सत्तर हजार रुपए नगद भी इन चारों लोगों के पास से बरामद किया गया. इनकी निशानदेही पर कोतवाली थाना क्षेत्र के दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास छापामारी की गई. स्पेशल टीम द्वारा की गई छापामारी के दौरान अक्षय कुमार नाम के लॉटरी संचालक को हिरासत में लिया गया. अक्षय कुमार के पास से 1100 पीस लॉटरी के टिकट, दो लाख रुपए नगद और 10 गोलियां भी मिली हैं. कोतवाली थाने में अक्षय के खिलाफ अवैध लॉटरी संचालन तथा आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी दर्ज की गई है.

सिक्किम की लॉटरी, बंगाल से आपूर्ति, रोहतास से संचालन और मुंगेर में बिक्री

अवैध लॉटरी संचालन काफी मजबूत तरीके से और संगठित तरीके से चलाया जा रहा था. सिक्किम राज्य की लॉटरी के टिकटों को कूरियर के डब्बे में छिपाकर पश्चिम बंगाल के जरिए मुंगेर में लाया जाता था तथा इसका सरगना रोहतास के डेहरी ऑन सोन से पूरे गोरखधंधे को ऑपरेट करता है. मुंगेर में विपिन यादव मुख्य तौर पर अवैध लॉटरी संचालन के नेटवर्क को ऑपरेट करता था.

2 रु का टिकट 60 रु में बेचता था

अवैध लॉटरी का यह खेल बड़ा अजीबोगरीब है. 2 रु मूल्य के लॉटरी टिकट को ₹60 में बेचा जाता था. वहीं, ₹5 मूल्य के लॉटरी टिकट को ₹50 और ₹10 मूल्य वाले लॉटरी टिकट को ₹40 में बेचा जाता है. मुंगेर के कई छोटे दुकानों से इस लॉटरी के खेल को ऑपरेट किया जाता है तथा दिन में तीन बार लकी ड्रा का रिजल्ट परिणाम निकाला जाता था. दोपहर 12:00, शाम 4:00 और रात के 8:00 बजे लकी ड्रा का रिजल्ट निकाला जाता था तथा इनाम की घोषणा की जाती थी. हालांकि काफी कम लोगों को ही इनाम जीतने का मौका मिलता है. हिरासत में लिए गए लोगों ने बताया कि महीना दो महीना में एक से दो बार ही लोगों को एक हजार या दो हजार रुपए का इनाम मिलता था जबकि रोजाना अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई लॉटरी खरीदने वाले लोग अवैध लॉटरी के खेल में लगाते थे.

एसपी ने बनाई थी स्पेशल टीम

अवैध लॉटरी के कारोबार को रोकने के लिए मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह द्वारा स्पेशल टीम बनाई गई थी. एसपी खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रही थी. विभिन्न थाना क्षेत्रों में थानाध्यक्षों द्वारा चलाए गए इस अभियान में थाना को सहयोग करने के लिए जिला आसूचना इकाई के साथ 15 अतिरिक्त जवानों को अवैध लॉटरी संचालन के खिलाफ गठित छापामारी दल में शामिल किया गया था. पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को अवैध लॉटरी का संचालन पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है. साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि स्पेशल टीम द्वारा किसी थाना क्षेत्र में अवैध लॉटरी के खेल का उद्भेदन किया जाएगा तो इसकी जिम्मेवारी थानाध्यक्ष की होगी.