ब्रेकिंग : खगड़िया के फैमिली कोर्ट जज पर केस दर्ज, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

खगड़िया / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पटना हाईकोर्ट के आदेश पर खगड़िया फैमिली कोर्ट के तत्कालीन जज राजकुमार द्वितीय के खिलाफ एफआईआर (Case registered for attempt to murder against Family Court Judge Raj Kumar-II of Khagaria) दर्ज किया गया है. उनपर 59 वर्षीय होमगार्ड वीरेंद्र सिंह की हत्या के प्रयास का आरोप लगा है.

खगड़िया मुफस्सिल थानाध्यक्ष (Khagaria Mufassil Police Station) जेपी यादव के अनुसार, तत्कालीन जज पर आईपीसी की धारा 341 / 342 / 323 / 337 / 338 / 307 व 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. इस केस की जांच सदर इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह करेंगे. जांचकर्ता ने बताया है कि फिलहाल जज के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है.

जांचकर्ता ने बताया कि मृतक जवान के बेटे द्वारा दिया गया बयान और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जज पर लगाए गये धाराओं में बदलाव होगा और इसे हत्या की धारा में परिवर्तित किया जाएगा.

क्या था मामला

बता दें, 1 फरवरी को फैमिली कोर्ट के तत्कालीन जज राज कुमार द्वितीय ने खगड़िया सदर थाने में एक आवेदन दिया था. उसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगे गार्ड पर उनपर राइफल तानने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने आवेदन में लिखा था कि मंगलवार की सुबह करीब 5:15 बजे वे टहलने निकले थे. वापस लौटने तो गेट ड्यूटी पर किसी गार्ड को नहीं पाया. बगल के गैरेज में गार्ड वीरेंद्र सिंह खड़े थे. जब उनसे कहा गया कि गेट पर क्यों नहीं हैं, तो उन्होंने ने कहा कि हमारा गेट खोलना ड्यूटी नहीं है. जब उन्हें कहा गया कि आवास की सुरक्षा पर ध्यान दीजिए, तो उसने अभद्र शब्दों का प्रयोग किया. गार्ड ने राइफल मेरे सीने पर सटा कर कहा कि गोली मार दूंगा.

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जज के आवेदन पर पुलिस ने दूसरे दिन आरोपी जवान के खिलाफ बदतमीजी करने व आर्म्स तानने का एफआईआर दर्ज कर लिया था. दूसरी ओर होमगार्ड जवान के बेटे गौतम ने भी प्रधान न्यायाधीश पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस केंद्र के परिचारी प्रवर (Police Station Attendant) को आवेदन दिया था. जवान के बेटे के आवेदन पर एसपी अमितेश कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी.

इसी बीच इस पूरे मामले की जांच के लिए खगड़िया के पुलिस कप्तान अमितेश कुमार ने एक अधिकारी को वहां भेजा. उक्त अधिकारी ने वहां पाया कि गृहरक्षक रहस्यमय तरीके से एक कुर्सी पर बेसुध पड़ा हुआ था. लगता था कि जवान को चोट लगी थी और उसके साथ मारपीट भी की गई थी.

इसके बाद घायल जवान को इलाज को खगड़िया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर वहां से उसे रेफर किया गया. उसके बाद होमगार्ड का जवान बेगूसराय में एक निजी अस्पताल में भर्ती रहा. लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ.

जवान की हालत में सुधार होता नहीं देख उसे पटना ले जाया गया. लेकिन पटना ले जाने के क्रम में होमगार्ड जवान की मौत हो गई. जवान का पटना में ही पोस्टमार्टम हुआ.

इधर खगड़िया एसपी के जवान के आवेदन पर खगड़िया के जिला जज ने पूरे मामले में हाईकोर्ट से मार्गदर्शन मांगा था. इसपर हाईकोर्ट ने अब आरोपी जज पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.

होमगार्ड संघ ने किया था विरोध-प्रदर्शन

जवान की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम हुआ और फिर उसका पार्थिव शरीर खगड़िया ले जाया गया. आक्रोशित होमगार्ड संघ ने 14 फरवरी को सिविल कोर्ट के मुख्य गेट सामने मृतक होमगार्ड जवान के शव के साथ प्रदर्शन किया था.

एक दिन पहले जज की शिकायत की थी

होमगार्ड संघ के जिलाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि घटना से एक दिन पहले ही कई होमगार्ड जवानों ने जिला समादेष्टा को आवेदन दिया था. इस आवेदन में जवानों ने लिखा था कि उक्त फैमिली जज उन्हें द्वारा किसी तरह की सुविधा नहीं दी जाती है.

साथ ही, आवेदन में कहा गया था कि जज के आवास पर तैनात गार्ड के लिए न तो पानी पीने की व्यवस्था है और न ही शौचालय, न गार्ड रूम की व्यवस्था है. ड्यूटी के अलावा जवानों से घर का भी काम करने के लिए कहा जाता है.

अब हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद तत्कालीन जज राजकुमार द्वितीय के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है. केस दर्ज होने के बाद उक्त जज की मुश्किलें बढ़ गई हैं.