देश के बड़े संस्थानों में कराते थे एडमिशन, जानिए इनका रेट

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार की राजधानी पटना में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में फर्जी तरीके से एडमिशन कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. दरअसल मेडिकल और इंजीनियरिंग में एडमिशन से लेकर फर्जी तरीक़े से सरकारी नौकरियों में दलाली करने वाले एक बड़े गिरोह के छह सदस्यों को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं. इस गिरोह के तार दिल्ली से भी जुड़े है. गिरोह का सरगना दिल्ली का रहनेवाला हैं. जिन सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है वो सभी भी बड़े संस्थानों के छात्र रहे हैं. पटना पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई है.

बड़े संस्थानों में नामांकन कराने के बदले लेते थे पैसे

बिहार पुलिस की विशेष टीम ने सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थाओं में नौकरी और नामांकन दिलाने वाले पेशेवर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह अंतर राज्य फर्जीवाड़ा गिरोह शातिर अतुल वत्स के साथ जुड़कर फैल रहा था और अपना जाल बिहार में फैला रहा था. अपराध अनुसंधान शाखा विशेष इकाई नई दिल्ली में अतुल वत्स के खिलाफ आईटी एक्ट में कई दस्तावेज बरामद किए हैं. इस गिरोह ने एनआईटी, बिहार पुलिस दारोगा बिहार पुलिस सिपाही परीक्षा, बिहार विधानसभा बहाली, एएनएम, नर्स इंडियन नेवी, कोल इंडिया लिमिटेड, एयर फोर्स जैसी संस्थाओं में नामांकन और नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है.

जानिए क्या था इनका रेट

इस बारे में पटना एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि अभ्यर्थियों से नीट परीक्षा पास कराने के नाम पर से 15 लाख  रुपए, इंजीनियरिंग परीक्षा पास कराने के नाम पर 8 लाख, बिहार पुलिस दारोगा परीक्षा के लिए 7 से 8 लाख, बिहार पुलिस सिपाही परीक्षा पास कराने के नाम पर तीन से 4 लाख रुपए और एएनएम-नर्स के लिए 2 से 3 लाख रुपये वसूल कर रखा था. गिरोह के सदस्यों द्वारा मोटी कमाई से खरीदे गए लाखों के इलेक्ट्रॉनिक्स गैजट, एप्पल आईफोन, वॉच, हार्ले डेविसन बाइक जो 7 लाख की है उसे भी पुलिस ने जब्त किया है साथ ही कई पासबुक, एटीएम और 10 चेक बुक भी पुलिस ने जब्त किया है.

इन राज्यों में फैले हैं तार

कई छात्रों के मूल प्रमाण पत्र सहित कई प्रमाण पत्र भी पुलिस ने इन आरोपियों के पास से जब्त किया है. पटना पुलिस की विशेष टीम द्वारा पूछताछ के क्रम में गिरोह के सरगना उज्जवल ने खुलासा किया कि 2017-18 में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान पुलिस द्वारा नौकरी नामांकन के नाम पर दर्ज किए गए मामलों में संलिप्त अतुल वत्स का साथी है और उसी के साथ मिलकर यह सभी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे हैं.