विकास के एजेंडे पर वोट देगा भूमिहार ब्राह्मण समाज

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से जनता को लुभाने की कवायद में जुट गये हैं. दलों द्वारा आपसी गठबंधन बनाने का खेल भी जोर-शोर से लेकिन बेहद गोपनीय तरीके से जारी है. स्वस्थ लोकतंत्र की पहली और अनिवार्य शर्त, पारदर्शी प्रक्रिया के विपरीत सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे से किन मुद्दों पर तालमेल कर रहे हैं, इसका खुलासा वे नहीं कर रहे हैं. इस मतलब सिर्फ यह है कि बिहार के सारे ही दल सिर्फ सत्ता प्राप्ति के एक मात्र उद्देश्य से चुनाव मैदान में आ रहे हैं.

आगामी चुनाव को देखते हुए अपने समाज और राज्यहित के लिए भूमिहार ब्राह्मण समाज ने भी अपनी कुछ प्राथमिकताएं निर्धारित की है. पिछले दिनों भूमंत्र फाउंडेशन की पहल और प्रयासों से भूमिहार ब्राह्मण समाज का गठन हुआ. इस समाज ने यह संकल्प लिया है कि इस चुनाव में वे अपनी सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी निभाएंगे. लेकिन किसी खास जाति- पार्टी और गठबंधन को वोट न देकर, क्षेत्रों के मुद्दों पर आधारित समर्थन देंगे.

भूमिहार ब्राह्मण समाज की कोशिश मुद्दों के आधार पर समाज को संगठित करना और दलों-प्रत्य़ाशियों को उस आधार पर बातचीत के लिए खुला आमंत्रण देना है. यह समाज चाहता है कि जो दल या प्रत्याशी हमारे समाज के एकमुश्त वोट की अपेक्षा रखता है, उसे जनहित से जुड़ी उनकी कुछ मांगों पर अपनी सहमति देनी होगी. उसे सार्वजनिक तौर पर आश्वस्त करना होगा कि भूमिहार समाज की ओर से रखे गये विकास के सवालों पर समाज अपनी सहमति रखता है और चुनाव जीतने के बाद उसे पूरा करने का संकल्प व्यक्त करते हैं. ऐसा करने और कहने वाले दल और प्रत्याशी को ही समाज इस बार के चुनाव में अपना वोट देने के लिए संकल्पित है.

भूमिहार ब्राह्मण समाज की ओर से कहा गया है कि हमें कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि हमारी समस्याओं की लिस्ट बहुत लंबी और भारी भरकम नहीं है. हम क्षेत्र वार पंचायत स्तर की वैसी छोटी-मोटी जनहित से जुड़ी समस्याओं को प्रत्याशियों के सामने रखने जा रहे हैं, जिसे पूरा करने में उनको बहुत ज्यादा श्रम-शक्ति और संसाधन लगाने की जरुरत नहीं होगी. एक जागरुक समाज होने के नाते हम जनप्रतिनिधियों के दायरे और बिहार की वित्तीय स्थिति से भलीभांति अवगत हैं. हमारा समाज सदियों से विकास का वाहक रहा है और लोकतंत्र के इस पर्व में भी हम उसी भावना और विश्वास से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं. अंतर केवल इतना है कि भूमिहार समाज अब किसी दल या गठबंधन का पिछलग्गू बनकर नहीं रहना चाहता. हम सत्ता में अपनी सामाजिक- राजनीतिक भागीदारी से इतर विकास परक राजनीति के माहौल को विकसित करने की संस्कृति के पक्षधर हैं और इस चुनाव में इसका प्रकटीकरण करना चाहते हैं.

भूमिहार ब्राह्मण समाज का केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल (गवर्निग बॉडी) –
अभयानंद, पूर्व डीजीपी, बिहार (संस्थापक- सुपर 30), कर्नल (रिटा) ए के सिंह (संस्थापक, रुबन हॉस्पिटल समूह, पटना), अरबिंद सिंह (शिक्षाविद, दिल्ली), डॉ. देव कुमार पुखराज (वरिष्ठ पत्रकार), डॉ. मनीष कुमार (न्यूरो-सर्जन, अपोलो), अदिति नंदन( फ़ाउंडर आमत्य मीडिया), कर्नल(रिटायर) श्री मुक्तेश्वर प्रसाद, हिमांशु राय, डायरेक्टर, आईआईएम, इंदौर, सुधीर प्रधान (समाज सेवी), कृषिरत्न अभिषेक कुमार, कर्नल (रिटायर) श्री विद्या शर्मा,
श्रीमती इंदिरा राय (समाजसेवी, हैदराबाद), निर्मल कुमार (फ़ाउंडर एंड MD निर्मल ग्रूप G-Auto, अहमदाबाद), कुणाल सिन्हा(वाईस प्रेजिडेंट, विप्रो),
प्रशांत कश्यप ( ब्रांड एंड स्ट्रैटेजी, जागरण ग्रूप), अभिषेक शर्मा (अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट), गोपाल जी राय (सहायक निर्देशक, DAVP भारत सरकार)