बाढ़: बेगूसराय में बलान नदी की बांध टूटने से सैकड़ों लोग हुए बेघर

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में एक बार फिर बाढ़ ने कहर बरपाया है. जहां बेगूसराय में लोगों को इन दिनों बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. जिले में बलान नदी की बांध टूटने से प्रभावित इलाकों के लोग कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं. बाढ़ से जिले के 3 पंचायत की लगभग 4000 आबादी प्रभावित है जिनको राहत पहुंचाने का जिम्मा एक कम्युनिटी किचेन के जिम्मे है. लोगों को राशन-पानी जुटाने के साथ-साथ मवेशियों के चारे एवं शौचालय आदि में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर महिलाओं के लिए बीतने वाला हर दिन भारी दिख रहा है. प्रशासन के अनुसार प्रभावित इलाकों में भोजन के साथ-साथ तमाम तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत है.

कम्युनिटी किचन पर भी उठ रहे सवाल

दरअसल पिछले दिनों भगवानपुर प्रखंड के टांडी पुल के समीप बलान नदी का बांध अचानक रात में टूट गया जिससे जोकिया, टांडी सहित बीरपुर एवं भगवानपुर के कई मोहल्लों में आबादी वाले क्षेत्र में पानी प्रवेश कर गया. रात के समय बांध टूटने की वजह से लोग सुरक्षित स्थान के लिए ना खुद निकल सके ना ही अपने सामान को भी हटा सके. जब तक लोगों को बांध टूटने की जानकारी मिली तब तक आफत बनकर पानी उनके घरों में प्रवेश कर चुकी थी.

घरों के छत एवं छप्पर पर रहने को विवश लोग

आलम यह है कि अब एक तरफ जहां लोग खुद को सुरक्षित करने के लिए घरों के छप्पर या छतों का सहारा ले रहे हैं तो वहीं खाना बनाने के लिए जलावन सहित सुरक्षित स्थान तलाशने में भी इन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं महिलाओं को शौच आदि के लिए भी पानी में तैर कर दूर जाना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि प्रशासन के द्वारा जो कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गई है उसमें भी सही ढंग से लोगों को खाना नहीं दिया जाता जिनके परिवार में 8 से 10 लोग हैं उन्हें भी दो ही व्यक्तियों का भोजन दिया जाता है जिससे कि लोग खुद के सहारे जीने को विवश हैं.

सांसद गिरिराज सिंह ने किया दौरा

अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के क्रम में गिरिराज सिंह ने इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया था और लोगों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही सारी समुचित व्यवस्था कर दी जाएगी. इस संबंध में सांसद गिरिराज सिंह ने प्रशासन को निर्देश दे दिए हैं कि राहत कार्यों में तेजी लाएं. खास बात यह है कि जहां जिला प्रशासन समुचित व्यवस्था का दावा कर रही है वहीं लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

Advertisements