और मुख्यमंत्री के हैलीकॉप्टर के उड़ते ही टूट गई बांध

सीतामढ़ी (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राज्य के सीतामढ़ी जिले में दशकों से निर्जीव पड़ी लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए पहुँचे सीएम नीतीश कुमार का हैलीकॉप्टर हवा में उड़ते ही नदी तटबंध पड़ बनाया गया बांध टूट जाने से कई गांवों में बाढ़-सी त्रासदी उत्पन्न हो गई.

बता दें, सीएम नीतीश कुमार शुक्रवार को सीतामढ़ी के सोनबरसा स्थित खाप-खोपराहा में लखनदेई नदी के बहाव का निरीक्षण करने पहुंचे थे. सीएम ने नवनिर्मित बांध का निरीक्षण किया. सीएम ने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश भी जारी किए.

फिर वापस हेलीपैड पर आ गए सीएम. जैसे ही नीतीश का हेलीकॉप्टर आसमान में उड़ा, वैसे ही इधर बांध का धैर्य टूट गया और पानी तेजी से बहने लगा. पानी इतनी तेज गति से बह रहा था कि ग्रामीणों के खेतों से होकर बहने लगा. इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो गया और लोग डर के मारे गांव की ओर भागने लगे.

बता दें, सीएम नीतीश के अचानक आगमन को लेकर जल्दी बाजी में बांध का निर्माण कराया गया था. कमजोर बांध का निर्माण होने के कारण बांध भी सीएम के निरीक्षण का इंतजार कर रहा था. जैसे ही नीतीश कुमार निरीक्षण कर हेलीकॉप्टर से आसमान में उड़ी वैसे ही बांध का भी सब्र टूट गया.

स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर पानी इसी तरह बहता रहा तो देर रात तक गांव में घुस जाएगा. अभी नदी की यही स्थिति है, तो बाढ़ के समय क्या होगा? लोगों के मन में जून और जुलाई के बाढ़ के पानी का खौफ सताने लगा है. संभावित बाढ़ से क्षेत्र की करीब 25,000 की आबादी प्रभावित हो सकती है. लोगों का कहना है कि सरकार को पहले मजबूती से बांध बनाकर नदी की उड़ाही करा देनी चाहिए थी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ जल संसाधन मंत्री संजय कुमार भी लखनदेई नदी के बहाव का निरीक्षण करने पहुंचे. इस योजना के तहत वर्ष 2016 में ही 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन भूमि अधिग्रहण के कारण अब तक उड़ान नहीं हो सकी.

इससे पहले, नीतीश ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से लखनदेई नदी के बहाव और लिंक चैनल के निर्माण की विस्तृत जानकारी ली. लिंक चैनल में पानी देख मुख्यमंत्री को बहुत खुशी हुई और उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि नव निर्मित लिंक चैनल को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाए. सीएम नीतीश के इस आदेश से सीतामढ़ी में लखनदेई नदी की पुरानी धारा पुनर्जीवित हो गई और लोगों के चेहरों पर खुशी के भाव दिखने लगे थे.

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बताते चलें, लखनदेई नदी की पुरानी धारा में गाद जमा होने से वह मृत हो गई थी. लखनदेई नदी की नई धारा को पुराने से जोड़ने के लिए 3 किलोमीटर नए लिंक चैनल और 18.27 किलोमीटर पुरानी धारा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. यह भारत-नेपाल सीमा पर सोनवर्षा ब्लॉक के छोटे भासर से निकलती है और सोनवर्षा ब्लॉक के दुलारपुर, पीतांबरपुर (सोरम नदी का मिलन बिंदु), सीतामढ़ी और सोनवर्षा ब्लॉक के रुन्नी सैदपुर ब्लॉक, मुजफ्फरपुर जिले के औराई ब्लॉक में मोहनपुर (बागमती के 74.73) से गुजरती है और फिर बागमती नदी में मिलती है.

भारत में पुरानी लखनदेई नदी की कुल लंबाई 170.00 किमी है. योजना के पूरा होने के बाद 21.27 किलोमीटर चैनल से सीतामढ़ी जिले के सोनवर्षा, बथनाहा, सीतामढ़ी और रून्नी सैदपुर प्रखंडों में कुल 2539.86 हेक्टेयर भूमि खेती योग्य हो जाएगी. अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को बताया कि जल संसाधन विभाग राज्य में सिंचित क्षेत्र के विकास की दिशा में मृत नदियों को पुनर्जीवित करने का काम कर रहा है. इसके तहत सीतामढ़ी जिले में लखनदेई नदी की पुरानी धारा को पुनर्जीवित करने का काम भी किया गया है.