दुश्मन थर्राएगा,अब भारत खुद ये 101 घातक हथियार बनाएगा

नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क) | मिसाइल से राइफल तक ‘आत्मनिर्भर’ बनेगा भारत. बता दें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता कि ओर एक मजबूत कदम बढ़ाते हुए भारत ने ऐसे 101 रक्षा सामानों के आयात पर रोक लगा दी है. ऐसा कहने का तात्पर्य यह नहीं है कि हमारी सेना को ज़रूरत पड़ने पर ये उपकरण नहीं मिल पाएंगे, अच्छी बात तो ये है कि भारत अब अपनी जरूरत के इन सामानों और हथियारों को खुद अपने घर यानि भारत में बनाएगा. केंद्र सरकार द्वारा घोषित ये रोक चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2025 तक लागू होंगे. दरहसल असॉल्ट राइफल, आर्टिलरी गन, रडार, हल्के जंगी हेलिकॉप्टर ये कुछ रक्षा उपकरण है जो भारत कुछ महीने पहले तक दूसरे देशों से ज़रूरत पड़ने पर मंगाता था.

69 उपकरणों के आयात पर दिसंबर 2020 से रोक

वहीँ भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आयात पर रोक लगाने से पहले इस पर मंथन किया गया है कि सेना की ऑपरेशनल एक्टिविटी प्रभावित न हो और इन सामानों को तय समयसीमा के तहत भारत में ही तैयार किया जा सके.

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान अपने एक संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2020 को आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया था. जिसके बाद सैन्य मामलों के मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने 101 सामानों की लिस्ट बनाई है और इनके आयात पर रोक लगाई है. 101 उपकरणों और हथियारों कि सूची में से 69 के आयात पर तो दिसंबर 2020 से ही रोक लग जाएगी.

रक्षा मंत्रालय के इस फैसले के साथ ही भारत अब आर्टिलरी गन, जमीन से हवा में मार करने वाली छोटी दूरी की मिसाइलें, शिप से छोड़ी जा सकने वाली क्रूज मिसाइलें, असॉल्ट राइफल, हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर, रडार, बैलेस्टिक हेलमेट, बुलेट प्रूफ जैकेट और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का आयात नहीं करेगा. नई रक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इन्हें अपने देश में ही बनाया जायेगा.

दिसंबर 2021 के बाद भारत व्हील्ड आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल, लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल, माइन एंटी टैंक, माइन एंटी पर्सनेल ब्लास्ट, ग्रेनेड जैसे उच्च तकनीक के आयात पर भी रोक लगा देगा और इसका देश में ही उत्पादन शुरू कर देगा.

दिसंबर 2022 तक भारत अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, हल्के रॉकेट लॉन्चर के आयात पर रोक लगा देगा.

दिसंबर 2023 तक Beyond Visual Range Air to Air मिसाइल, कम्यूनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-7C, बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट के आयात पर रोक लगाने वाला है.

दिसंबर 2024 से भारत छोटे जेट इंजन के आयात पर प्रतिबंध पर भी रोक लगा देगा.

दिसंबर 2025 से भारत लंबी दूरी के लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की खरीदारी भी रोक देगा.

डिफेंस सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाने की योजना को 2020 से 2024 के बीच धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू होगा. जिससे किसी भी हालत में सेना की कार्यक्षमता प्रभावित न हो, आगे उन्होंने कहा कि इस रोक की वजह से भारत में डिफेंस सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, क्योंकि भारत इन सामानों का उत्पादन अपने यहां ही करेगा.